आज हमारे विद्यालय के पुस्तकालय में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत एक भव्य हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ हमारे आदरणीय प्राचार्य श्री परमहंस प्रसाद यादव ने फीता काटकर किया।
प्राचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकें ही ज्ञान का सच्चा भंडार हैं। पठन-पाठन से न केवल हमारी भाषा और अभिव्यक्ति समृद्ध होती है, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित करने तथा हिंदी भाषा और साहित्य को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर पुस्तकालयाध्यक्ष श्री शाहबाज़ अली ने इस हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक आयोजन किया और विद्यार्थियों को पुस्तकों के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारे जीवन की सच्ची साथी होती हैं, जो हमें सही मार्ग दिखाती हैं और ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करती हैं। श्री शाहबाज़ अली ने विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य पढ़ने और उससे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रदर्शनी में विभिन्न महान लेखकों, कवियों एवं साहित्यकारों की अमूल्य कृतियाँ सजाई गईं, जिनका अवलोकन विद्यार्थियों ने बड़ी उत्सुकता और रुचि के साथ किया।
इस अवसर पर निम्नलिखित शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का आनंद उठाया:
श्रीमती रंजू शर्मा
श्रीमती सुनीता रानी
सुश्री मंजेश जसवाल
श्री परमेश्वर दयाल गोयल
श्री अनुज कुमार
श्रीमती नीलम भनोट
श्री शाहबाज़ अली
श्रीमती नीरज सैनी
श्रीमती गुलशन
श्री लक्ष्मण सिंह
डॉ. करण शर्मा
सुश्री रीना महुर
श्री आदित्य कुमार
सुश्री भूमिका सैनी
अन्य शिक्षकगण
इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पठन-पाठन की आदत विकसित करना, हिंदी साहित्य के प्रति रुचि एवं प्रेम जागृत करना तथा मातृभाषा हिंदी की प्रतिष्ठा को और सशक्त बनाना था।
यह आयोजन अत्यंत सफल, सार्थक और प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।



































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